खान पान जो मजबूत इम्युनिटी बढ़ाये

जिन लोगो की इम्यूनिटी कमजोर होती है, वह लोग आसानी से रोगो का शिकार हो जाते है। ऐसे में शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए खान-पान का विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। रोगो के संक्रमित वायरस की चपेट में आने वाले अधिकतर लोग भी वहीं हैं, जिनके शरीर की इम्यूनिटी कमजोर है, जो कि बच्चों और बुजुर्गों में सामान्यतः देखा जाता है। आइए जानते हैं, कि कौन से खान पान शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होते है।

  1. गिलोय
    2. तुलसी
    3. छोटी इलायची
    4. लॉन्ग
    5. अजवायन
    6. हरसिंगार

 

गिलोय

यह किसी भी व्यक्ति को नहीं पता है की उसके शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर है या इम्यून सिस्टम मजबूत है लेकिन अगर आप अपने खान पान में नियमित कुछ ऐसी चीजे लेते रहे जिनको इम्यूनिटी बूस्टर माना जाता है। यह आपके शरीर को संक्रामक रोगो से बचाने में लाभकारी हो सकता है।

गिलोय एक ऐसा चमत्कारी औषधीय पौधा है, जो सभी तरह के रोगो की ओषधि साबित होता है। गिलोय किस तरह से मानव जीवन को हर तरह के रोगों से छुटकारा दिलाकर रोगमुक्त करती है। गिलोय एक ऐसी औषधि है, जिसे अमृत जैसी वनस्पति माना जाता है।

आयुर्वेदिक द्रष्टिकोण से रोगों को दूर करने में सबसे उत्तम औषधि के रूप में गिनी जाती है। यह लोगो को किसी भी प्रकार के रोगों से लड़ने कि ताकत प्रदान करती है। गिलोय का एक सबसे अच्छा गुण ये है, कि यह जिस भी पेड़ पर चढ़ जाती है, उसके गुण को अपने भीतर चढ़ा लेती है। नीम पर चढ़ी हुई गिलोय सबसे उत्तम मानी जाती है।

पाचन किर्या को सुचारु रखने में सहायक

गिलोय के काढ़े का नियमित रूप से सेवन करने से पाचन किर्या ठीक रहती है। हमारी पाचन किर्या सुचारु रहे, इसके लिए। 5 ग्राम गिलोय पाउडर को आंवले के चूर्ण के साथ नियमित रूप से सेवन करना चाहिए। गिलोय शरीर में खून के प्लेटलेट्स की संख्या को बढ़ाती है।

इम्यूनिटी बढ़ाएं


गिलोय में एंटीऑक्सिडेंट गुण होते हैं, जो संक्रामक रोगों से लड़कर शरीर को स्वस्थ रखते है। गिलोय किडनी और लिवर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालती है और खून को साफ करती है। नियमित रूप से गिलोय का काढ़ा पीने से रोगों से लड़ने की क्षमता में बढ़ोत्तरी होती है।

 

हरसिंगार

हरसिंगार के पत्तों का काढ़ा या फिर इसकी चाय बनाकर नियमित रूप से पीने पर शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है
और शरीर हर प्रकार के रोगों से लड़ने में सक्षम होता है।

जोड़ों में दर्द या शरीर में दर्द


हरसिंगार के पत्ते तोड़कर इन्हे एक गिलास पानी में डालकर तब तक उबालें, जब तक कि इसकी मात्रा आधी न हो जाए।
अब इसे ठंडा करके प्रतिदिन सुबह खाली पेट पिएं। इससे जोड़ों और शरीर दर्द से संबंधित समस्याएं समाप्त होती हैं।

तुलसी

तुलसी एक दिवय पौधा है। तुलसी की पत्तियाँ सर्वरोग नाशक है। इनका प्रयोग विभिन्न रोगो में कई प्रकार से किया जाता है परन्तु नीचे दी गई विधि से तुलसी की पतियों का सेवन करने से प्राय सभी रोग दूर करने में आश्चर्य जनक सफलता मिलती है।

तुलसी की पतियों के इस्तेमाल के पहले सर्वप्रथम रोगी की आयु, शक्ति, रोग की प्रकृति और मौसम को ध्यान में रखते हुए मध्यम आकर की तुलसी की पतियों की मात्रा तय कर लेनी चाहिए। तुलसी की ताशीर गर्म होती है, अतः गर्मी के मौसम में कुछ कम मात्रा और सर्दी के मौसम में कुछ ज्यादा मात्रा लेनी चाहिए।