देशी नुख्शो से ह्रदय को स्वस्थ कैसे रखे



        1.   आंवला हृदय के लिए अचूक बाण का काम करता है। प्रकृति ने आंवला हर्दय के लिए बहुमूल्य उपहार दिया है।

इसके सेवन करने से ह्रदय शक्तिशाली बनता है। प्रतिदिन आंवले का सेवन करने से रक्तवाहिनियां लचीली

व मुलायम
रहती है। रक्तवाहिनियां के कठोर व मोटा हो जाने के दोष आंवले के सेवन करने से दूर हो जाते है।

  1. आंवले का नियमित सेवन करने से अधिक ब्लड प्रेसर रोग से छुटकारा दिलाने में सहायक होता है। तथा

    रक्तवाहिनियों में रक्त का परवाह सामान्य गति से होने लगता है। रक्तवाहिनियां में लचक बनी रहने के कारण

    मनुष्य के हृदय फ़ैल होने का खतरा नहीं रहता है। ना ही हाई ब्लड प्रेशर रोग का खतरा रहता है।

      2. सूखे आंवले लेकर उन्हें पीसकर बारीक़ चूर्ण बना बना लेते है। उसमे उतनी ही मिश्री मिलाकर

         किसी कांच की शीशी में भरकर रख ले। प्रातः खाली पेट 6 ग्राम चूरन ताजे पानी के साथ सेवन करने

         से कुछ ही दिनों में दिल के समस्त रोग दूर हो कर लाभ मिलता है।

सूखे आंवले और मिश्री के मिश्रण का सेवन करते रहने से ह्रदय की कमजोरी दूर होती है। ह्रदय की धड़कन में विशेष

लाभ
होता है। 

मेथी दाना 5 Gram लेकर उसका काढ़ा बना ले। फिर इसमे शुद्ध शहद मिलाकर प्रतिदिन सेवन

करते रहें। इस मेथी के काढ़े का सेवन करने से पुराने से पुराना रोग ठीक हो जाता है।