पीलिया से ग्रषित रोग में रोगी को लाभ पहुचाने के उपाए

 


किचन में रखी चीजों से पीलिया से छुटकारा

 

कैसे पाए


(How to get rid of jaundice from things kept in the kitchen)

 

  पीलिया का रोग नवजात शिशु से लेकर बड़ी उम्र के लोगो तक किसी भी उम्र में इंसान को ग्रषित करके हानि पहुंचा सकता है।

जब बेबी पैदा होता है, तो उसे तीन, चार दिन बाद कभी कभी उसमे पीलिया के रोग के लक्ष्यण दिखाई देने लगते है। सामान्यतः

शरीर में एक समय तक रेड ब्लड सेल्स के टूटने से एक तय अंतराल के बाद बिलिरुबिन नाम का एक बाई-प्रॉडक्ट बनता है।

यह पहले लिवर में जाता है।


यहां से आगे जाकर वेस्टेज के रूप में शरीर से बहार जाता है। यही बच्चो, बूढ़ो और जवान युवको के शरीर में पीलिया के रोग

का कारण होता है।


पीलिया से बचने का सबसे अच्छा तरीका है, “टीकाकरण “

पीलिया के रोग के लक्ष्ण


1.  जब यह रोग होता है तो शरीर की त्वचा पिली पड़ जाती है।

2. आँखो का पीला पड़ना

3. नाख़ून को दबा कर देखने पर नाख़ून पीला दिखना

4. मूत्र के समान्य से अधिक पीला होना

    यह सब ऐसे कारण है। जिससे पता चलता है पीड़ित पीलिया से ग्रषित है।

पीलिया से ग्रषित रोगी को क्या सावधानी

रखनी आवश्यक है।


1.  अपने आसपास साफ सफाई का ध्यान रखना चाहिए।

2.  पीले कपड़े और पीले खानपान से परहेज करना चाहिए।

3.  पानी उबाल कर पिए तो ज्यादा अच्छा रहेगा

पीलिया का घरेलू इलाज

 

  1. 4 कली लहसुन की छीलकर पीसकर आधा कप गर्म मीठे दूध में मिलाकर पिए तथा ऊपर से फिर 250 ग्राम

    गर्म दूध पीने से पीलिया रोग 4 दिन में ही नस्ट हो जाता है।

  2.  पीलिया व तिल्ली रोग में प्रतिदिन पपीते का सेवन करना लाभदायक होता है ।

  3.  लाल- लाल टमाटरों का एक गिलास रस प्रतिदिन सेवन करने से भी पीलिया रोग(Jaundice disease)

     
    दूर होता है।

  4.  पीलिया रोग में गाजर का सेवन भी लाभदायक रहता है। गाजर का गर्म काढ़ा, गाजर का सुप, गाजर का रस

    भी रोग दूर करता है।

  5.  मिटटी के कोरे कुल्हड़ में रात्रि में 2 छुआरे , 6 गिरी बादाम और 3 छोटी इलायची पानी में भिगो दे।

    सवेरे को प्रातः इन्हे बारीक़ पीसकर इसमे 50-50 ग्राम मिश्री व मख्खन मिलाकर चाटने से तीसरे दिन

    से ही पीलया रोग ठीक होने लगता है।

     6. 50 ग्राम मूली के पत्तो के रस में 10 ग्राम मिश्री मिलाकर प्रातः खाली पेट पीने से 7 दिन में ही पीलिया

         रोग ठीक हो जाता है।

     7.   आधा कप सफेद प्याज के ताजे रस में पीसी हुई हल्दी व गुड़ मिलाकर सुबह श्याम पीने से पीलिया रोग

           नष्ट हो जाता है।

    8.  छोटे छोटे प्याज छीलकर उनके चकोर टुकड़े काटकर सिरके या निम्बू के रस में डाल दे, और ऊपर से थोड़ा

         -सा नमक व पीसी हुई काली मिर्च भी डाल दे। नितय सुबह श्याम यह प्याज सेवन करने से पीलिया रोग दूर हो
         
          जाता है।

    9. पीपल के वृक्ष के नए पते 3-4 लेकर पानी से साफ करके, चीनी या मिश्री के साथ सिल पर चटनी की भांति बारीक़

        पीसकर, फिर एक गिलास पानी में मिला कर, किसी स्वच्छ कपड़े से छान ले। यह पीपल के पत्तो का शरबत दिन में

        दो बार पीने से 4-5 दिन में ही पीलिए रोग में लाभ होता है।

नवजात को पीलिया होना

    नवजात बेबी जब किसी के घर में जन्म लेता है, तो घर में खुशियाँ ले कर आता है। कभी कभी शिशुओं में पीलिया

के लक्ष्ण बेबी के जन्म के तीन, चार दिन बाद दिखाई देने लगते है, बेबी येल्लो दीखता है, ये सब पीलिया के लक्ष्ण

होते है। पीलिया से ग्रषित नवजात को, अगर आप सवेरे के समय में उदय होते सूर्य की धुप 10-15 मिनट दिखाते है,

तो 4-5 दिन में बेबी को पीलिया ठीक हो जाता है।

सावधानी


पीलिया रोग में पीला वर्जित है।